Wednesday, December 21, 2022

पुस्तकायन: बच्चों में पुस्तक संस्कृति जागृत करने का एक सराहनीय प्रयास

इंटरनेट की दुनिया में बच्चों का पुस्तकों के प्रति प्रेम कम होता जा रहा है। बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साहित्य अकादमी ने पहली बार पुस्तक मेले का आयोजन किया। बाल साहित्य की थीम पर आयोजित 'पुस्तकायन' नाम का यह मेला 11 से 18 नवंबर तक नई दिल्ली के रबीन्द्र भवन परिसर में आयोजित किया गया। 'आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में आयोजित इस पुस्तक मेले का शुभारंभ प्रख्यात लेखिका नासिरा शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर साहित्य अकादेमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक, संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव उमा नंदूरी, राज्यसभा सांसद सत्यनारायण जटिया भी उपस्थित थे। इस पुस्तक मेले में विभिन्न भाषाओं के 65 से ज्यादा बाल लेखकों ने और तीस से ज्यादा प्रकाशकों ने  हिस्सा लिया। आठ दिनों तक चलने वाले मेले में अकादमी ने बच्चों के लिए कई रोचक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए। बाल लेखक से भेंट, बाल साहित्य का वर्तमान परिदृश्य पर विमर्श, बच्चों के लिए कविता, कहानी लेखन और कार्टून चित्रांकन कार्यशालाएं, और बाल कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों जैसे कई रोचक और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों को ‘अपने प्रिय लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम के अंतर्गत - बालस्वरूप राही, दिविक रमेश, क्षमा शर्मा, कमलजीत नीलों, पारो आनंद एवं असद रज़ा आदि बाल साहित्यकारों से मिलने का अवसर मिला। इस दौरान 14 नवंबर को बालदिवस के मौके पर 'बाल साहित्य पुरस्कार अर्पण समारोह' का आयोजन भी किया गया। पुरस्कार अर्पण समारोह में 21 भारतीय भाषाओं के साहित्यकार शामिल हुए। बच्चों को रोचक कार्यक्रमों के माध्यम से पुस्तकों से जोड़ने वाला ये पुस्तक मेला फिर से बच्चों में पुस्तक संस्कृति को जागृत करने का एक सराहनीय प्रयास है।

-- प्रियंका सिंह 

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